कुश्ती
PWL की नीलामी तख्ती भारतीय कुश्ती की इकलौती कीमत-खोज थी — 2026 की वापसी गलत चीज़ का दाम लगा रही हैदिसंबर 2026. दादर का एक हॉस्टल कमरा, लैपटॉप पर PWL का दूसरा सीज़न, और सामने ए...
नौ किलो का दरवाज़ा: भारत के आठों ओलंपिक कुश्ती पदक 57 से 66 किलो के बीच क्यों आते हैंदिल्ली के एक कमरे में सफ़ेद बोर्ड पर मैंने आठ नाम लिखे और हर नाम के आगे सिर्फ...
रियो से पेरिस तक: चोट का सबूत मैट पर नहीं, ट्रेनिंग डायरी में पहले दर्ज था17 अगस्त 2026। रियो के कैरियोका एरिना 2 में विनेश फोगाट का क्वार्टरफाइनल, साम...
आठ पदक, शून्य स्वर्ण: भारतीय कुश्ती का पुनर्मूल्यांकन, और वह सच जो पदक तालिका नहीं बताती9 अगस्त 2026 की शाम पेरिस के शैंप डी मार्स एरेना में 57 किलो फ्रीस्टाइल का...
सौ ग्राम और आठ पदक — भारतीय कुश्ती का बही-खातापेरिस, सात अगस्त 2026, सुबह करीब साढ़े छह बजे। विनेश फोगाट ने तराज़ू पर पैर...
कुश्ती का संकट मैट पर नहीं, तराज़ू के काग़ज़ पर हैसात अगस्त 2026, पेरिस। अखाड़े की गर्मी से बाहर, कॉरिडोर में लगे मॉनिटर पर सुब...
सौ ग्राम, छह कोटे और एक बकाया हिसाब: भारतीय कुश्ती के पेरिस साइकिल का ऑडिटखरखौदा, मई 2026। मिट्टी का अखाड़ा, चारों तरफ़ ट्रैक्टर-ट्रॉली की दीवार, करीब...
9 किलो की पट्टी: भारत के सारे आठ ओलंपिक कुश्ती पदक 57–66 किलो से क्यों आए हैं7 अगस्त 2026 की सुबह, पेरिस। तराजू पर 100 ग्राम। विनेश फोगाट 50 किलो से 100...
तराज़ू का सौ ग्राम: पेरिस की सुबह, UWW का शून्य टॉलरेंस और वह क्लॉज़ जिसे फाइनल से पहले कोई नहीं पढ़तासुबह के 5:40 बजे थे। पेरिस ओलंपिक के कुश्ती वेन्यू में, हॉल के पीछे उस गलियार...
